कांगो में महिलाओं पर होने वाली बलात्कार की अत्यधिक घटनाओं के कारण यह दूसरा सबसे खतरनाक देश है. थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन एक्सपर्ट के मत सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है.
खतरे में पाकिस्तान तीसरे, भारत चौथे और सोमालिया पांचवे नंबर पर है. इस सर्वे में घरेलू हिंसा, महिलाओं के प्रति आर्थिक भेदभाव से लेकर एसिड हमलों को आधार बनाया गया है. विमेन चेंज मेकर्स ग्रुप की अध्यक्ष एंतोनेला नोतारी कहती हैं, "जारी संकट, नाटो के हवाई हमले और सांस्कृतिक परंपराएं अफगानिस्तान को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक जगह बनाते हैं. साथ ही जो महिलाएं सार्वजनिक समाज में मुंह खोलने की कोशिश करती हैं या नेतृत्व करती हैं, या पुलिसस पत्रकार के तौर पर काम करती हैं तो उन्हें अक्सर धमकाया जाता है या मार दिया जाता है."
कांगो की अराजक स्थिति
ट्रस्ट लॉ का पोल
थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन की कानूनी समाचार सेवा ट्रस्ट लॉ ने यह सर्वे करवाया. ट्रस्ट लॉ ने महिलाओं के कानूनी अधिकारों के बारे में उन्हें जागरूक करने और सूचना देने के लिए विशेष विभाग बनाया है.
इस सर्वेक्षण के तहत पांच देशों के 213 जेंडर मामलों के जानकारों से सवाल पूछे गए. इसके तहत उनसे खतरनाक का मतलब, स्वास्थ्य सुविधाओं, यौन हिंसा, हिंसा, सांस्कृतिक या धार्मिक तथ्यों से जुड़े सवाल पूछे गए.
कुछ जानकारों का मानना था कि भेदभाव जैसे मामले कभी मुख्य खबर नहीं बनते लेकिन वह भी बम, गोली, पत्थरबाजी जितने ही खतरनाक साबित हो सकते हैं. वॉशिंगटन की इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी में काम करने वाली एलिजाबेथ रोएसेच कहती हैं, "मुझे लगता है कि महिलाओं के लिए खतरनाक सभी मुद्दों को देखा जाना चाहिए. अगर कोई महिला इसलिए स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले सकती क्योंकि उसके स्वास्थ्य को कोई प्राथमिकता ही नहीं दी जाती है, तो यह बहुत ही गंभीर बात होगी."
पाकिस्तान तीसरा सबसे खतरनाक
सबसे खतरनाक
अफगानिस्तान को सबसे खतरनाक की श्रेणी में इसलिए रखा गया है क्योंकि वह छह में से तीन श्रेणियों में बिलकुल पिछड़ा हुआ है. स्वास्थ्य, हिंसा और आर्थिक संसाधनों के मामले में अफगानिस्तान खराब हालत में है. प्रसव के दौरान मां की मृत्यु, डॉक्टरों तक कम पहुंच और आर्थिक अधिकारों का नहीं होना हालात खराब बनाता है. अफगानिस्तान में प्रसव के दौरान हर 11 में एक महिला की मौत हो जाती है.
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो अभी भी 1998 से 2003 तक चले युद्ध से उबर नहीं पाया है. और पूर्वी कांगो में महिलाओं के साथ यौन हिंसा की दर बहुत ज्यादा है. हर साल देश में चार लाख महिलाएं बलात्कार का शिकार होती हैं. संयुक्त राष्ट्र ने कांगो को बलात्कारियों की राजधानी करार दिया है.
भारत में कम कार्रवाई
पाकिस्तान दुनिया में महिलाओं के लिए तीसरा सबसे खतरनाक देश है. इसका कारण देश की सांस्कृतिक, कबायली और धार्मिक परंपराएं हैं. इनमें एसिड हमले, बाल विवाह, जबरन विवाह और सजा या पत्थर मार कर सजा देने जैसे रिवाज शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय एचआईवी एड्स एलियांस की दिव्या बाजपेई कहती हैं, "पाकिस्तान में दहेज के लिए हत्या या ऑनर किलिंग और जल्दी शादी के बहुत मामले सामने आते हैं." पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के मुताबिक वहां हर साल एक हजार महिलाएं या लड़कियां ऑनर किलिंग का शिकार होती हैं.
मानव तस्करी बड़ी समस्या
भ्रूण हत्या कारण
भारत का चौथा नंबर मुख्य तौर पर कन्या भ्रूण की हत्या और मानव तस्करी है. 2009 में तात्कालीन गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने कहा था कि हर साल 10 करोड़ लोग खासकर महिलाओं और लड़कियों की तस्करी की जाती है. यह बात इतनी आम है लेकिन सरकार और पुलिस के चंगुल से बच जाती है.
भारत के केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई का अंदाज है कि 2009 में 90 फीसदी तस्करी देश में ही हुई और देश में करीब 30 लाख यौनकर्मी हैं जिनमें अधिकतर बच्चियां हैं.
यौन कर्मियों के अलावा मजदूरी, जबरन विवाह के मामले भी शामिल हैं. और आंकड़ें कहते हैं कि इस तरह के अवैध काम करने के वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई नहीं की जा रही और उन्हें कानून के फंदे में भी नहीं जकड़ा जा रहा है.!!
No comments:
Post a Comment