Friday, 10 January 2014

हिन्दुओ अभी भी वक्त है सम्हल जाओ

> 1378 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है = इरान!
> 1761 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है = अफगानिस्तान!
> 1947 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है = पाकिस्तान!
> 1971 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम हैँ = बांग्लादेश!
> 1952 से 1990 के बीच भारत का एक राज्य इस्लामिक हो गया - नाम है कशमीर!...
> और अब उत्तरप्रदेश, आसाम और केरला इस्लामिक राज्य बनने की कगार पर है!
> और हम जब भी हिँदुओँ को जगाने की बात करते हैँ, च्चाई बताते हैँ तो कुछ लोग
> हमेँ RSS, VHP और SHIV-SENA, BJP वाला कहकर पल्ला झाङ लेते हैँ!
> वन्दे मातरम
> हाल की दो महत्वपूर्ण घटनाओ को देश ने जरूर देखा होगा ------
( 1 ) उपराष्ट्रपति हमीद अंसारी ने अपने धर्म के महत्व को समझते हुए दशहरा उत्सव के दौरान आरती उतारने से मना कर
दिया क्योकि इस्लाम मे ये करना " मना " ।
( 2 ) टी॰वी॰ सीरियल बिग बॉस की एक प्रतियोगी गौहर खान ने दुर्गा पुजा करने से मना कर दिया और वो दूर खड़ी रहकर देखती रही , जबकि ये एक कार्य था जिसे करना सभी प्रतियोगी के लिए जरूरी था लेकिन गौहर खान ने इस कार्य को करने से साफ मना कर दिया क्योकि इस्लाम मे ये करना " मना " ।
> मित्रो इन दोनों ( हमीद अंसारी व गौहर खान ) को मेरा साधुवाद क्योकि दोनों ने किसी कीमत पर भी अपने धर्म से समझौता नहीं किया , चाहे इसके लिए कितनी बड़ी कीमत भी क्यो न चुकनी पड़े । ये घटना उन तथाकथित " कुलर "
> हिन्दुओ के मुह पर जोरदार तमाचा है जो कहते फिरते है की कभी "
> टोपी " भी पहननी पड़ती है तो कभी " लक " भी लगाना पड़ता है , इस घटना मे मीडिया
> का मौन रहना सबसे ज्यादा अचरज का विषय है क्योकि सबसे ज्यादा हाय तौबा यही मीडिया वाले मचाते रहे है जब नरेंद्र मोदी जी ने मुल्ला टोपी पहनने से इनकार कर दिया था ।
> उदाहरण लेना है तो मुस्लिम समुदाय के लोगो से सीखो जो अपने धर्म के लिए बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने को तैयार रहते है , पर अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं कर सकते । वही हमारे हिन्दू लोग " कायरता " का दूसरा रूप "
> कुलर " होने का झूठा दिखावा करने से बाज नहीं आते ।
> इस sms को गौर से एक बार पढ़ लो , अमल करो मत करो आप लोगो की मर्जी,,,,

> मैंने 10 लोगो को जो की हिन्दू है उनसे पुछा....... स जाती के हो.....??
> सभी ने अलग अलग जवाब दिया....
>
> किसी ने कहा राजपूत
> किसी ने कहा बामण
> किसी ने कहा जाट
> सब अलग अलग
> किसी ने जैन
> तो किसी ने अग्रवाल....
>
> लेकीन मैने 10 मुसलमानो को पूछा की कौन सी जाती के हो ?
> सभी का एक जवाब आया
>
> "मुसलमान"
>
> मूझे अजीब लगा मैने फिर से पूछा फिर वही जवाब आया
>
> "मुसलमान"
>
> तब मुझे बड़ा अफसोस हुआ और लगा हम कीतने अलग और वो कितने एक ... ...
>
> कुछ समझ मै आया हो तो आगे से कोई पूछे तो एक ही जवाब आना चाहीये

॥ हिन्दू ॥

> और गर्व करते हो " हिन्दू " होने का तो इस मैसेज को इतना फैला दो यह मैसेज मूझे वापस किसी हिन्दू से ही मिले

Monday, 28 January 2013

हिन्दू आतंकवाद ?

हिन्दू आतंकवाद के विरूद्ध चौंकाने वाले प्रमाण(Stunning Evidences Against Hindu Terrorism)

आज हम प्रमाण सहित वो बताने वाले हैं जिसे समझने के  बाद कोई भी देशभक्त कांग्रेस द्वारा श्रीमद भगवद गीता + रामायण को काल्पनिक, मानवता के हत्यारे  ओसामा को  जी, भारत के दुशमन हाफिज को साहब , स्वामी राम देव को ठग या फिर हिन्दू व RSS को आतंकवादी कहने पर कतई चौंकेगा नहीं …
आओ सबसे पहले आप  इस से मिलो ये है अमेरिका में

इसलामिक आतंकवादियों के आर्थिक स्त्रोत साऊदी अरब की सहायता से Inter-Services Intelligence of Pakistan(ISI )द्वारा संचालित संस्था Kasmir Amrican Council(KAC) का प्रमुख gnf4g kac 8GNFगुलाम नबी फई जो आजकल अमेरिका में जेल में बन्द है क्योंकि इसने अमेरिका के Senators को  इसलामिक आतंकवादियों के लिए काम करने के लिए ठीक उसी तरह खरीदने की कोशिश की जिस तरह इसने KAC के माध्यम से भारतीय सांसदों, फिल्मकारों, पत्रकारों,  तथाकथित मानवाधिकारवादियों व समाजिक कार्यकर्ताओं को खरीदा था।

गृहमन्त्री सुशील कुमार शिन्दे द्वार हिन्दूओं को आतंकवादी साबित करने के पक्ष में ये कहा जा रहा है कि कांग्रेस सरकार द्वारा गिरफ्तार हिन्दूओं में से एक  ने ये स्वीकार किया है कि सच्चर कमेटी रिपोर्ट पूरी होने से  करने से पहले ही Hindus Wanted to Kill Justice Rajinder sachar
राजेन्द्र सच्चर को मारना सही है या गलत कहने से पहले ये जान लें कि राजेन्द्र सच्चर किसके लिए काम कर रहा था भारत के लिए या फिर भारत के शत्रुओं के लिए?
आओ जरा इस तस्वीर पर नजर दौड़ायें
अरे ये क्याg jrs कांग्रेस सरकार द्वारा भारत में काँग्रेस के 50 वर्ष के शासनकाल में मुसलमानों की दुर्गति की रिपोर्ट लिखने के लिए चुना गया Justice Rajinder sachar, इसलामिक आतंकवादियों के आर्थिक स्त्रोत साऊदी अरब की सहायता से Inter-Services Intelligence of Pakistan(ISI )द्वारा संचालित Kasmir Amrican Council(KAC) के मंच पर ?
अगर आप सोच रहे हैं कि इसे इसलामिक आतंकवादी बन्धक बनाकर ले गए हैं तो आप गलत हैं क्योंकि g jrs 1.png2
इस गद्दार की इन तस्वीरों को देखकर साबित हो जाता है कि ये खुशी-g jrs.png1खुशी भारत के शत्रुओं के लिए काम कर रहा है जिसका इनमा भारत के शत्रु इसे इस तरह से दे रहे हैं।American 
Federation of Muslims of Indian Origin original_mg-muslims-sachar-reportअगर आपको इसकी गद्दारी पर जरा भी शंका है तो सच्चर कमेटी रिपोर्ट उठाकर एकबार पढ़ लें आप खुदबाखुद समझ जायेंगे कि किस तरह इस गद्दार ने ISI के इसारे पर सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के माध्यम से भारतीयता पर हमला किया है।
अब आप बताओ कि अगर हिन्दू भारतविरोधियों के लिए काम करने बाले ऐसे गद्दार को मारने की योजना बना रहे थे तो क्या गलत कर रहे थे?
क्योंकि हमारे पूजनीय गुरू गोविन्द सिंह जी जैसे  देशभक्त क्रांतिकारियों ने हमें यही तो सिखाया है कि जो भारत के शत्रुओं के लिए काम करे उसे जिन्दा रहने का कोई हक नहीं …
खैर छोड़ो मरना-मारना हमारे हाथ में नहीं लेकिन आप ये सोचो कि जिस काँग्रेस सरकार ने इस ISI ऐजेंट को इतनी महत्तवपूर्ण कमेटी का अध्यक्ष बनाया वो किसके लिए काम कर रही है भारत के लिए या फिर भारत के शत्रुओं के लिए?
कांग्रेस सरकार में भी बो कौन है जो भारत के शत्रु आतंकवादियों से पैसे खाकर हिन्दूओं को आतंकवादी कहकर बदनाम करने के लिए कभी करकरे तो कभी चिदंमबरम तो कभी दिगबिजय सिंह और अब सिंदे का इस्तेमाल कर रहा है?
कहीं ये तो नहीं?rs1
बेचारा खुद कठपुतली है इसकी क्या औकात जो किसी और का इस्तेमाल कर सके। ये नहीं तो फिर मौत का सौदागर है कौन?
अभी आप अपना धैर्य बनाए रखें क्योंकि ये मामला जल्दी में निपटाने का नहीं बल्कि गहन चिन्तन करने का है कि काँग्रेस सरकार ने सिर्फ यही काम ISI के ईसारे पर किया या फिर कुछ और काम भी ?
जरा ध्यान से देखें ये है अमेरिका में भारत के शत्रु कातिलों के गिरोह ISI की ब्राँच KAC का सरगना गुलाम नबी फई fअपने clip_image024प्रधानमन्त्री के साथ जिसे कांग्रेस के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने  शांतिदूत करार दिया क्यों?
क्या भारतीयों का कतलयाम करवाने वाले को कोई देशभक्त शांतिदूत कह सकता है? नहीं न
अब जरा इन्हें देखें ये हैं राध कुमार औgnf5र दिलीप पांडगो़डकर जिन्हें काँग्रेस सरकार ने कशमीर समस्य़ा का समाधान करने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया।
लेकिन ये क्या ये राधा कुमार तो भारत की शत्रु ISI द्वारा संचालित KAC के सरगना गुलाम नबी फई radha kumar with Ghulam Nabi Faiकी clip_image026बगल में बैठकर भारत को बरबाद करने के षडयन्त्र रच रही है ध्यान रहे दिलीप पांडगोटकर भी इसी हत्यारे का साथी है।
अब आप खुद सोचो कि जिस कांग्रेस सरकार ने भारत की असमिता से सबन्धित दो कमेटिया बनाईं और दोनों में ISI  ऐजेंटो को रखा वो काँग्रेस क्या कभी किसी देशभक्त के साथ खड़ी हो सकती है? नहीं न
ISI द्वारा संचालित KAC के सरगना गुलाम नबी फई के इरादों को समझने के लिए इसे भी देखेंg fai
अब आप सोच रहे होंगे कि आजकल  मिडीया का जमाना है तो फिर ये सब बातें तथाकथित मानवाधिकारबादियों ,समाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों ने क्यों नहीं उठाईं ?
दोस्तो जिन गद्दारों  ने अपनी कलम का सौदा भारत के शत्रुओं के साथ भारत को बदनाम कर बरबाद करने के लिए कर लिया  हो उन दलालों से भला आप राष्ट्रहित के मुद्दे उठाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?
भरोसा नहीं होता तो ये देखो  ये बो गद्दार  है

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जिसे हमारे जैसे लोग बचपन से पत्रकारिता का आदर्श मानते  आए हैं  वही शख्श इतना बड़ा गद्दार निकलेगा हमने कभी स्वपन में भी नहीं सोचा था।
देखो तो जरा किस तरह ये गद्दार इसलामिक आतंकवादियों के सरगना गुलामनबी फई g knके साथ बैठकर भारत को बदनाम करने हिन्दूओं को आतंकवादी साबित करने की कसमें उठा रहा है…
दोस्तो आप सब जानते हैं कि 1986 से लेकर 2006 तक अकेले कशमीर घाटी में ही इसलामिक आतंकवादियों ने साठ हजार हिन्दूओं का कत्ल  कर पांच लाख हिन्दूओं को बेघर किया लेकिन इस गद्दार की कलम आज तक इन हिन्दूओं के दुख दर्द को समझने समझाने के लिए नहीं चली इसकी कलम चलती है तो सिर्फ गुजरात में मुसलमानों द्वारा हिन्दूओं को जिन्दा जलाए जाने के बाद भड़के सांप्रदायिक दंगों में मारे गए मुठी भर हमलावर मुसलमानों के लिए क्यों? क्या  आपने कभी सोचा कि इस गद्दार की कलम सिर्फ मुसलमानों व इसलामिक आतंकवादियों के लिए  ही साहनुभूति क्यों पैदा करती है क्यों इसे देशभर में इसलामिक आतंकवादियों द्वारा बहाया जा रहा लाखों  हिन्दूओं का खून पानी की तरह नजर आता है कारण सिर्फ एक ही है क्योंकि ये गद्दार अपनी कलम को इसलामिक g kn1आतंकवादियों के हाथों बेच चुका है  ?
ये वही कातिल है जिसने भारत के लोकतन्त्र के मन्दिर पर हमले के मुख्य आरोपी आतंकवादी  SAR GilaniSAR  Gillani को बचाने के लिए मोमबती जलाओ व हस्ताक्षर करवाओ अभियान चलाकर ततकालीन सरकार पर दबाब बनाकर इस आतंकवादी को छुवाड़ाने में सफलता हासिल की और इसका दूसरा साथी अफजल gilaniआज भी इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बिके हुए  Politicians की बजह से माननीय न्यायालय द्वारा इस भारत के इस शत्रु को 19 नम्मबर 2006 को  फांसी पर लटकाने के आदेश के बाबजूद आज तक जिन्दा रहकर भारतीय न्यायव्यवस्था व शहीदों का अपमान कर रहा है।
दोस्तो यही कारण है कि गुजरात के बहाने हिन्दूओं को बदनाम करने के लिए ये कातिल g k n 3आज तक दर्जनों लेख लिख चुका है जबकि कशमीर घाटी के इसलामिक आतंकवादियों की बरबरता को लिखते वक्त इसकी कलम की स्याही सूख जाती है।
दोस्तो इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बिका हुआ ये गद्दार पत्रकार  g kn 3.png4गद्दार जज से मिलकर भारत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा चुका है उसकी कल्पना करना भी आज हम लोगों के अनुमान से परे है।
ऐसा नहीं कि भारतविरोधी इस सेकुलर गिरोह में सिर्फ जज और पत्रकार ही शामिल हैं वास्तव में इस गिरोह में समाज को प्रभावित कर सकने में समर्थ हर स्तर का व्यक्ति सामिल है ।अब इसे ही देखो g5जो खुद को  समाजिक कार्यकर्ता कहकर अक्कसर भारतविरोधियों के हाथों बिके हुए समाचार चैनलों के सटुडियो में  बैठकर भारतविरोधी आतंकवादियों की हर कार्यवाही का समर्थन करते हुए भारतीय सेना ,पुलिस व देसभक्त संगठनों को गाली निकालता फिरता था हम दुविधा में पड़ जाते थे कि समाजिक कार्यकर्ता को देशभक्तों को गाली गलौच करने की क्या जरूरत लेकिन इन तसवीरों को देखने के बाद हमें पता चल गया कि ये गद्दार भी g2इसलामिक आतंकवादियों के पैसे पर पलने बाला वो आसतीन का सांप है जो भारत माता की गोद में जन्म लेकर भारत माता की बर्बादी के हर खेल में सामिल है  g6भारतविरोधी कोई भी आतंकवादी भारत पर हमला करे ये हमेशा उन आतंकवादियों का चौकीदार बनकर भारत को बदनाम करने के लिए तत्पर रहता था।g4 वैसे हम तो शुरू में इसे इसे बामपंथी आतंकवादियों का मददगार मानते थे लेकिन बाद में पता चला ये तो इसालमिक आतंकवादियों का भी ऐजेंट है।
काँग्रस सरकार की भारतविरोधी मानसिकता की नीचता तो देखो ये गद्दार भारत में व भारत से बाहर भारत को लहूलुहान करने के लिए g kac3दिन रात काम कर रहे हैं लेकिन ये भारतविरोधी काँग्रेस सरकार इन आसतीन के  साँपों को कुचलने के बजाए उन सैनिकों—सन्तों-साध्वियों—पुलिस के जवानों व अधिकारियों और अन्य देशभक्तों को कुचलने में लगी हुई है जो भारतविरोधी आतंकवादियों के बिरूद्ध आवाज उठा रहे हैं व उन्हें मार गिरा रहे हैं।
दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि इसालिम आतंकवादियों के हाथों बिके हुए ये मुठीभर लोग भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते तो आप भ्रम का सिकार हैं क्योंकि इन्हीं बिके  हुए Politicians Khursheedविशेषकर कांग्रेसियों व सेकुलर गद्दारों —पत्रकारों—तथाकथित मानवाधिकारवादियों—prasant.4jpgसमाजसेवको—–फिल्मकारोंk8 ने हिन्दूओं के बहाने भारत को इस हद तक बदनाम कर दिया है कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी दूसरे देश ने भारत को आतंकवादी राष्ठ्र घोषित करने की मांग की हैg kac6 चलते-चलते आप इस ऐजेंट g Harinder Babejaको भी पहचानते चलें ये है भारतविरोधियों की खास पत्रिका तहलका की हरेन्द्र बबेजा तथा ये हैं भारतविरोधियों के मददगार प्रफैसरProfessor Kamal Mitra Chenoy
अब आप जानना चाहेंगे कि इन गद्दारों ने इसलामिक आतंकवादियों से पैसा व सुविधायें लेने के बदले में क्या किया
सबसे पहले तो इस  सेकुलर गिरोह ने मिलकर हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान चलाया जिसमें देशभर में आतंकवादी हमलों में लाखों हिन्दूओं को कत्ल कर लाखों को उजाडा़ गया। इस अभियान में किस तरह इस गिरोह ने एकजुट होकर भारत को लहुलुहान किया इस बात को खुद  कातिलों के गिरोह के सरगना गुलामनबी फई ने अमेरिकी अदालत में कबूल किया।
जब भी कभी देश में इन भारतविरोधी आतंकवादियों  के विरूद्ध महौल बना तब इन बिके हुए गद्दारों ने बिके हुए चैनलों पर बैठकर भारतीय सैनिकों—पुलिस व अन्य देशभक्त संगठनों के बिरद्ध आगर उगलकर इन आतंकवादियों की मदद की।
दोस्तो इस सेकुलर गिरोह से जुड़े गद्दारों ने जो किया सो किया लेकिन जब बाढ़ ही खेत को खाने लग जाए तो भला कोई क्या करे…मतलब इस सेकुलर गिरोह के दुशप्रचार का शिकार होकर जिस कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाकर देश की आम जनता ने  भारत की रक्षा की जिम्मेदारी एक विदेशी इटालियन अंग्रेज को सौंप दी जब उसी अंग्रेज ने चर्च के इसारे व इसलामिक आतंकवादियों के सहारे भारत को कुचने की ठान ली तो आज वो हुआ जो आज तक कभी नहीं हुआ था ……………….मतलब सीमापार से इसलामिक आतंकवादियों ने भारत की 16 लाख की सेना के होते हुए भी पहले असम में भारतीयों पर हमला बोला और अब जम्मु-कशमीर में घुसकर भारतीय सैनिक का सिर काटकर सीमा पार ले गए और हम देखते रह गए ।
मुसीबत की इस घड़ी में काँग्रेस ने भारत के शत्रुओं से लड़ने के बजाए भारत को ही आतंकवादी करार दे दिया…गुलामी की हद तो तब हो गई जब कांग्रेस सरकार और पाकिस्तान मिलकर भारत को आतंकवादी राष्ट्र कहकर बदनाम करने  लगे…
इससे पहले भी इसी काँग्रेस सरकार ने शर्मअलशेख में लिखकर दिया कि बलूचीस्तान में  आतंकवाद भारत पैला रहा है—-
यही नहीं इसी काँग्रेस सरकार ने भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए भारतीय सेना के अधिकारी लैप्टीनैंट कर्नल पुरोहित को आतंकवादी कहकर जेल में बन्द कर दिया क्योंकि उसने सरकार को आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए चिठी लिखी …
इसी इटालियन अंग्रेज की गुलाम सरकार ने  भारतीयों के हत्यारे दो इटालिन सैनिकों को जेल से क्रिसमिस की छुट्टी देकर इटली भेज दिया और इसलामिक आतंकवादियों को मारने के झूठे आरोप लगाकर जेल में बन्द की गई साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर जुल्म ढाकर उसे कैंसर का शिकार बना दिया और कोर्ट द्वारा उसे इलाज के लिए जमानत देने की बात कहने पर भी इस गद्दारों  की सरकार ने विरोध किया….जरा सोचो इटालिन कातिलों को क्रिसमिस की छुटी देने बाली इस भारतबिरोधी सरकार ने क्या भारतीय सैनिक लैप्टीनैंट कर्नल पुरोहित को दीपावली की छुट्टी दी….
नहीं न जरा सोचो कि जिस कांग्रेस सरकार ने ISI के साथ मिलकर ISI ऐजेंट राजेन्द्र सच्चर को सचर कमेटी का अध्यक्ष बनाकर ISI के देशविरोधी-हिन्दूविरोधी षडयन्त्रों को वैधानिक दर्जा दिलवाने के लिए रिपोर्ट तैयार करबाई…
ISI के साथ मिलकर दलीप पांडगौंकर+राधा कुमार जैसे ISI ऐजेंटों को कशमीर पर ISI के षडयन्त्रों को बैधानिक दर्जा दिलवाने के लिए कमेटी का सदस्य बनाया…
भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का बताकर हिन्दूओं और मुसलमानों के बीच बैमनस्य बढ़ाया व हिन्दूओं में असुरक्षा की भावना को और बढ़ाया …
मुसलिम बहुल जिलों के विकास की बात कर मुसलमानों को अपनी जनसंख्य बढ़ाने के लिए उकसाया…
सुरक्षाबलों को आतंकवादी घटना के बाद इस्लामिक आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही न करने को कहकर हिन्दूओं को फंसाने के लिए उकासाय…
पाठशाला में प्रवेश लेने पर मिलने वाली छात्रवृति को सिर्फ गैर हिन्दूओं तक सीमित किया… यहां तक कि SC,ST,OBC के बच्चों को भी वन्चित करवया….
हिथरो हवाई अड्डे पर बम धमाका करने वाले इस्लामिक आतंकवादी के पकड़े जाने पर शोर-शराबा मचाकर इसलामिक आतंकवादियों का हौसला बढ़ाया….
रामलीला मैदान में निर्दोष देशभक्तों पर हमला करवाकर उसे जायज ठहराया…
CBI का दुरूपयोग कर इसरत जहां व सोराबुद्दीन जैसे दुर्दांत आतंकवादियों को मार गिराने वाले जवानों को जेलों में ढलवाया…सांप्रदायिक हिंसा बिल के माध्यम से मुसलमानों व मुसलिम आतंकवादियों के हर अपराध के लिए हिन्दूओं को दोषी ठहराने का षडयन्त्र रचाया…
सेना को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का षडयन्त्र रचाकर भारत की नींब को हिलाया…
क्या अब भी आप इटालियन अंग्रेज की गुलाम ऐसी भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी काँग्रेस से ये उम्मीद कर सकते हैं कि वो देशभक्त हिन्दूओं को हिन्दू क्राँतिकारी कहकर भारतविरोधी आतंकवादियों का नमोनिसान मिटाने के लिए उनका साहस बढाए…
कुल मिलाकर हिन्दूओं को बार-बार आतंकवादी कहकर इसलामिक आतंकवादियों को बचाने के षडयन्त्र के पीछे और कोई नहीं सिर्फ और सिर्फ एडबीज एंटोनिया असलवीना माइनो ही है soniyaजो चर्च द्वारा भारत को तबाह  करने के लिए रचे जा रहे हर षडयन्त्र को बौद्धिक गुलामों व बिके हुए सेकुलर गद्दारों के सहयोग से इसलामिक आतंकवादियों imagesCAOE1P3Qको हथियार बनाकर बड़ी चतुराई से अंजाम दे ही है…
ऐसे में जब भी कोई गुलाम काँग्रेसी  हिन्दूओं को आतंकवादी कहे तो आपको समझ जाना चाहिए कि देश के लिए बाजी लगाने को ततपर हिन्दू क्राँतिकारियों को आतंकवादी कहने वाला भारतविरोधी आतंकवादियों के हाथों बिका हुआ गद्दार है जिसे भारत माता  की पाबन धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं आओ मिलकर भारत माता को ऐसे गद्दारों से मुक्त करने का प्रण कर आगे बढ़ें…


Friday, 2 November 2012

ये दढ़ियल मुल्ले... तूफ़ान क्यों मचाने लगते हैं.?


क्या आप जानते हैं कि....... मुहम्मद, अल्लाह या कुरान की बात आने पर ..... ये दढ़ियल मुल्ले... तूफ़ान क्यों मचाने लगते हैं....और, जगह जगह तोड़-फोड़ शुरू क्यों कर देते हैं ......?????

जाहिर तौर पर.... ये काफी सामान्य सी बात है कि.... वे ऐसा करके अगले पर दबाब बनाने का प्रयास करते हैं.... ताकि, अगला घबड़ाकर कर चुप हो जाये .....!

हालाँकि... वे सुबह से शाम तक..... ये मुल्ले... हम हिन्दुओं पे उंगली उठात
े रहते हैं..... और, हमारे ग्रंथों में लिखी बातों कि वैज्ञानिकता सिद्ध करने पर जोर डालते रहते हैं....साथ ही सबूत खोजते रहते हैं........
लेकिन जब बात उनके... अल्लाह, कुरान या उस लुटेरे मुहम्मद की होती है तो .... उनकी चरर्र से फट जाती है..... और, वे तुरत चिल्ल-पों मचाने लगते हैं...!

ध्यान से देखें तो....... इसमें कोई आश्चर्य वाली बात नहीं है...... और, कोई भी गहराई में जा कर इन बातों का सार समझ सकता है...!

दरअसल.... इसका कारण है कि..... मुल्लों और उलेमाओं को... ये बात भली भांति पता है कि...... ""दुनिया में अल्लाह का कोई अस्तिव नहीं है.... और, ना ही मुहम्मद ... किसी का दूत था"...!

ये सब महज लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए .... फैलाया गया जाल है..... क्योंकि, कुरान फारसी में लिखा हुआ है..... और, ज्यादातर गैर-मुसलमान को फारसी भाषा नहीं आती है.... इसीलिए , मुल्ले जो कहते हैं.... उसे वे आँख बंद कर के मान लेते हैं..!

आप में से ज्यादातर लोगों को ये मालूम ही होगा कि.... मुस्लिमों के रसूल और अल्लाह के तथाकथित दूत ..... मुहम्मद की मौत..... उसकी पत्नी आयशा के जहर देने से हुई थी...! ( आयशा ने मुहम्मद को जहर इसीलिए दिया था... क्योंकि , मुहम्मद ने लूट के दौरान अपनी 62 साल की उम्र में... 6 साल की मासूम आयशा के साथ सार्वजानिक रूप से बलात्कार किया था..!

जब आयशा ने मुहम्मद को जहर दे दिया ..... और , जहर के प्रभाव से मुहम्मद ... दर्द के मारे तड़पने लगा.... तो, उसे अपने सारे कुकर्म याद आने लगे....!

जरा आप भी कुरान में.... मुहम्मद की मौत का वर्णन देखें.... और. इस्लाम के बारे में अपना सामान्य ज्ञान बढ़ाएं......

@@@ ओ आयशा, मैं अभी खाना खाया और उसकी वजह से दर्द महसूस होता है, और इस समय मुझे लगता है कि जहर के रूप में मेरी महाधमनी काटी जा रही है..... इशाक :119 ,छठी तबरी:93 ,95 -९६

@@@ मुझे देवताओं का शाप है क्योंकि मैंने उनका धर्म चुराने की कोशिश की, उन्हें अपमानित किया, मैंने जीवन में बहुत पाप किया है और अपने चाचा को धोखा दिया है.. इस तरह मैं अपने पूर्वजों का अभियुक्त हूँ... (गौरतलब है कि उसने अपने चाचा {जिन्होंने उसे पाला था और जो कि एक बहुत बड़े शिवभक्त थे} की हत्या कर दी थी )..........इशाक :119 अबू तबीब

इसके बाद मुहम्मद की दर्द से तड़पते हुए मौत हो गई....!

#### अब बहुत ही सामान्य सा प्रश्न है ... जो कि किसी छोटी बच्चे को भी समझ आ सकती है.....

*** अगर वास्तव में "अल्लाह सर्वशक्तिमान है" .... और , मुहम्मद उसका सचमुच में दूत था.....तो, उसने मुहम्मद को क्यों नहीं बचाया....????

*** क्या .... अल्लाह मुहम्मद के कुकर्मों से अजीज हो चुका था....?????

*** या फिर.... मुहम्मद किसी का दूत नहीं था..... क्योंकि, अल्लाह कोई था ही नहीं... और, अल्लाह एक काल्पनिक चित्रण था....!

+++++ और.. सबसे बड़ी बात कि..... जो अल्लाह ... इतना शक्तिहीन है कि...अपने सबसे प्यारे रसूल (दूत) को जहर के प्रभाव से नहीं बचा सका...... वो इस मुस्लिमों के दुःख दर्द को कैसे ख़त्म कर देगा....????

हर किसी से प्रमाण और.... वैज्ञानिकता सिद्ध करने को बोलने वाले मुस्लिम.... किसी भी हालत में इन ज्वलंत प्रश्नों का उत्तर देना नहीं चाहते हैं...!

क्योंकि.... कुरान के अध्ययन से ये साफ पता चलता है कि.... अल्लाह का कहीं कोई अस्तित्व नहीं है.... इसीलिए मुहम्मद के अल्लाह का दूत होने का तो कोई प्रश्न ही नहीं है....!

और.. जब मुहम्मद कोई दूत-फूत नहीं था.. तो, भला मुहम्मद.. और कुरान के नाम पर.... तूफ़ान क्यों मचाते रहते हैं ये दढ़ियल मुल्ले...????

है किसी मुस्लिम या उनके सरपरस्त मनहूस सेकुलर के पास इसका जबाब....???????

जय महाकाल...!!!

Wednesday, 17 October 2012

समाज में युवक – युवतियां क्यों भटक रहे है ?

प्रत्येक माँ बाप अपने लड़के – लड़कियों को पढाई के लिए किसी अच्छे संसथान में भेजना चाहते हैं जो सामर्थ्य होते हैं वह भेजते हैं ! जहां लड़के और लडकियां किसी पिजी अथवा होस्टल में रहते हैं ! अनजान शहर नये चहरे और नई उम्र ! बुलंद होसले , जोश से भरे ऐसे युवक – युवतियां घर से काफी दूर रहते हैं ! ऐसे में नया माहोल , आधुनिकता , और अकेलेपन से घीरे युवक – युवतियां शहरी माहोल में ढलने लगते हैं ! जिसके परिणाम सवरूप छोटे शहरो से आये युवक – युवतियां अपने दायरे से निकल कर लड़के और लड़की की सीमाओं को पाटने ( तोड़ने ) लगते हैं ! जिसके फलस्वरूप ऐसे संस्थानों में लड़के और लड़की का साथ रहना बोलना घूमना आदि को फ्रंद्शिप नाम दिया जाता है यानी दोस्ती ! जहां युवक – युवतियों को अपने घर की किसी ख़ुशी में शामिल करते हैं वाही युवतियां भी ! लेकिन एक कडवी सच्चाई यह भी है की इस तरह की दोस्ती देसी भाषा में कहू तो सेटिंग होती है अथवा प्यार ! यहाँ यह भी ध्यान देने योग्य बात है की 90 % ऐसी दोस्ती टाईमपास भी कहलाती है ! जिसमे लड़के और लडकियां शारीरिक सम्बन्ध स्थापित कर लेते हैं ! प्यार – शादी तो बहुत कम लोग ५ , १० लोग ही करते हैं ! एसा नही हो सकता की इन हालत से कोई भी माँ – बाप वाकिफ न हो ! एक वह भी जमाना था जब लड़की का घर से दूर जाना भारतीय समाज में अच्छा नही माना जाता था लेकिन आज जमाना कुछ और है जिसमे हर किसी को आगे निकलना है ! किसी को पडोसी से तो किसी को रिश्तेदार से ! इसी वजह से माँ – बाप मोन हैं………… लेकिन इन सबके बीच इस भाग्दोड़ी प्रतियोगिता में कुछ तो है जो हम खो रहे हैं ! अपने सिधांत , संस्कार , सभ्यता , बड़े छोटे का आदर – सम्मान ! लेकिन यह एक मकडजाल है वह मकडजाल जिसे अंग्रेजो ने बुना और हमें उलझाया ! वयवस्था का एसा मैकालेम्यी जाल जिसमे हम और आप सभी बस फसे हुए हैं ! ऐसी प्रतियोगिता जिसमे हार भी हमारी है और केवल हार ही हमारी है ! चुकी इस वयवस्था में जहा एक और भारतीयता खो रही है वही दूसरी और भारत का भविष्य सिगरेट , बियर और सेक्स के नशे में चूर है !

इस्लाम का अपमान क्यों ?

समय समय पर इस्लाम के अपमान से जुडी घटनाये सामने आती रहती हैं कभी अमरीकी पादरी टेरी जोन्स वर्ष 2010 में वर्ल्ड ट्रेड टावर पर हुए हमले की बरसी के मौके पर क़ुरान की प्रतियाँ जलाने की घोषणा करते हैं तो कभी अफगानिस्तान में अमरीकी सैनिक कुरान को जलाते हैं ! ताजा विवाद एक कथित ‘इस्लाम-विरोधी’ अमरीकी फिल्म के इंटरनेट पर आने के बाद है ! जिसके बाद लीबिया और अन्य इस्लामिक देशो में हिंसा का तांडव हो रहा है ! कई देशो में आगजनी दंगे हो रहे हैं ! यह सही है की किसी भी धर्म का अपमान गलत है और मुसलमानों को उसका विरोध करने का पूर्ण हक़ है जिसका वह इस्तेमाल कर रहे हैं ! जैसे बाकि धर्मो को सम्मान मिलना चाहिए वैसे ही इस्लाम को भी ! परन्तु बड़ा सवाल यह है की इस्लाम का अपमान बार बार क्यों होता है ? क्यों बार बार सभी गैर मुस्लिम ( काफिर ) मुसलमानों को अपने दुश्मन नजर आते हैं और खुद को अलग पाते हैं और बाकी सारी दुनिया एक तरफ ! आज की स्थिति बहुत हद्द तक यही है की इस्लाम को गाली देना मानो आतंक को गाली देना बन गया है जो इस्लाम का अपमान करता है वह पूरी दुनिया में हीरो बन जाता है ! चाहे वह टेरी जोन्स हो या अमेरिकी सैनिक या फिर सलमान रुश्दी ! लेकिन सवाल बार – बार रह – रह कर उभरता है इस्लाम का अपमान या इस्लाम के खिलाफ एक आवाज भी उस आम आदमी जिसे कल तक कोई जानता नही था हीरो बना देती है अथवा मसीहा तो क्या इसके पीछे छुपी इस्लाम की कट्टरपंथी सोच है या वे आतंकी जिन्होंने इस्लाम के नाम पर आतंक का खुनी खेल खेलकर भारत समेत सभी देशो की धरती पर मासूम लोगो का रक्त पिया है ! अन्यथा मुसलमानों की वह कट्टरपंथी सोच जिसके तहत गैर मुस्लिम उन्हें दुश्मन (काफिर ) नजर आता है ! विचार आम मुसलमान को करना है की आखिर आज इस्लाम अपमानित क्यों है ? विचार यह भी यह भी करना होगा की आज मयामार ,फ़्रांस , अमेरिका , चीन , जापान भारत में मुसलमानों को शक की नजर से क्यों देखा जाता है क्या इसके लिए आम मुसलमानों की वह भीड़ दोषी है जो बंगलादेशी घुस्पेठियो के लिए देश में जगह जगह दंगे पर उतारू हो जाती है अथवा वह भीड़ जो एक देश में रहते हुए वहा के क़ानून से उपर अपने धर्म मजहब को समझती है ? आम मुसलमान का विचार करना और समझना बेहद जरुरी है की आज वह कहा खड़ा है क्या एसे चोराहे पर जिसमे गैर मुस्लिम एक तरफ और मुस्लिम बीच चोराहे पर जिसके चारो और से गैर मुस्लिम उसे घेरे हुए है पर सबसे बड़ी बात क्यों ?

दहेज़ और भारतीय महिलाए

आजकल देश के हर राज्य में दहेज़ के मामले तेज़ी से बढ़ रहे है कुछ दहेज़ लोभियों ने सभी लड़के के पक्ष वालो को संदेह के घेरे में ला दिया है लड़की वाले बहुत ही डर -डर कर अपनी लड़की का रिश्ता करते है .कई बार सुनने और देखने में आता है की ससुराल पक्ष वालो ने बाइक या गैह्नो की खातिर बहु को जला दिया या जहर दे दिया .कई बार बात मार -पिटाई ,गाली – गलोच तक सिमित रहती है …..ताकि लड़की के माँ बाप लड़के वालो को धन या फिर जो उनकी डिमांड होती है देने के लिए मजबूर हो जाए .दहेज़ लेना और देना अपराध है एसा हमें सकूलो में पढाया गया है फिर भी कई लोग दहेज़ लेते है और महिलाओं को दहेज़ के लिए प्रताड़ित करते है .ऐसे में दहेज़ मांगने वाले ,या कहे तंग करने वाले अपने ससुराल पक्ष के लोगो के खिलाफ कुछ महिलाए केस दर्ज कराती है .जिसके तहत महिला जिन लोगो का नाम दर्ज कराती है उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है . किन्तु समाज में ऐसी महिलाओं की भी कमी नहीं है जो इस दहेज़ विरोधी क़ानून का दुरूपयोग पैसे ऐठने या ससुराल पक्ष में अपना दबदबा बनाने के लिए करती है कभी कभी इस तरह के केस में देखने में आता है की कुछ महिलाए बेकसूर ससुराल पक्ष के लोगो को भी जेल में ठुस्वा देती है जिन्होंने कभी दहेज़ की डिमांड की ही नहीं होती इस कानून का प्रयोग कर कई निर्दोष लोग भी चपेट में आ जाते है .कुछ महिलाए पैसे ऐठने के लिए और कुछ महिलाए ससुराल पक्ष के लोगो को बेवजह दबाने के लिए भी एसा कदम उठती है .जिसकी वजह से निर्दोष लोगो पर भी चार -चार साल केस चलता रहता है और लड़के वालो को आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है .चार -पांच सालो तक कोर्ट में केस चलने की वजह से लड़के का और कही रिश्ता भी नही किया जा सकता .इस कारण लड़के की उम्र भी काफी हो जाती है और उसे लगातार समाज में परेशानियों का सामना करना पड़ता है .सवाल उठता है हमारे भारत में आजकल महिला उत्पीडन के नाम पर महिलाओं के लिए जिस तरह के कानून बनाये जा रहे है क्या इस तरह के क़ानून भारत में नारी की छवि को बिगाड नहीं रहे है ?क्या इस तरह के क़ानून का दुरूपयोग करने से पुरूष और ओरत में खाई चोडी हो रही है ?क्या इस तरह के क़ानून बनाने से भारतीय समाज का परिवारक ढांचा बर्बाद नही हो रहा है ?
क्या इस तरह के कानून की आड़ में किसी निर्दोष परिवार को फ़साना जायज है ?सवाल उठता है की क्या – हर- बार लड़के वाले ही दोषी होते है और जो शब्द , जो ब्यान कोई महिला — पुलिस -थाने में दर्ज करवा दे वही “पत्थर की ‘लकीर की तरह सच है ?बेशक से वह महिला या फिर उसके घरवाले इस तरह के क़ानून का उपयोग लड़के वालो को परेशान करना पैसो के लिए कई सालो से करते आ रहे हो . क्या सिर्फ इसलिए नारी की हर बात को सच मान लिया जाए की वह एक महिला है और उसे भारत में कई तरह के अधिकार मिले है . जो निर्दोष परिवार सालो तक जेल में रहते है उनमे महिलाए भी होती है क्या उनके कुछ अधिकार नहीं है ?क्या पुरूष समाज में भावनाए नहीं होती जो उन्हें ही आँख मीचकर गलत मान लिया जाता है ?
क्या ऐसी महिलाओं या उनके खिलाफ कोई सख्त दंड का प्रावधान हमारे समाज या फिर क़ानून में नहीं होना चाहिए जो निर्दोष लोगो को बेवजह तंग करती है ?

Thursday, 4 October 2012

बहुपत्नी प्रथा और इस्लामिक समाज


बहुपत्नी प्रथा इस्लामिक समाज में पाई जाने वाली एक ऐसी कुप्रथा है जिसे मुसलमान अपना जनमसिद्ध अधिकार समझते है. भारत समेत दुनिया कि बहुत सी सरकारे जो सेक्युलर होने का दम भरती है, इस मुद्दे पर इस्लामिक कट्टरपंथियो के आगे हथियार डाल चुकी है. भारत में तो हालात इस हद तक खराब है कि समान आचार सहिता कि बात करने वालो को ही संप्रदयवादी कह कर दुत्कार दिया जाता है. गैर मुस्लिम के लिए ये जानना बड़ा दिलचस्प है कि मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी इस जाहिल और महिला विरोधी रिवाज़ के पक्ष में क्या दलीले देते है? ज़ाकिर नाईक जैसे अनेक मुस्लिम विचारक तर्क देते है कि दुनिया के सभी धर्मो में बहुपत्नी प्रथा पाई जाती है. राजा दशरथ कि 3, ओर श्री कृष्णा की 16108 पत्निया थी. यहूदी, पारसी ओर ईसाई धरम में भी एक शादी जैसी कोई पाबंदी नही है.केवल क़ुरान में ही शादियो की अधिकतम सीमा तय की गयी है. यानी ये साफ है कि बाकी धर्मो के लोगो ने अपने प्राचीन रिवाज़ो को नये समय के साथ बदला है. सिर्फ़ मुसलमान ही ऐसा नही कर पाए वे आज भी सड़ी गली प्रथा से चिपके हुए हैं.
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इनका दूसरा तर्क है कि दुनिया में औरतो की तादात मर्दो से ज़्यादा है. इससे बदतर कोई तर्क नही हो सकता. युरोप के कुछ देशो में महिलाओ की तादात भले ही अधिक है लेकिन वह चार गुना जीतने स्तर पर नही है. दुनिया में सेक्स रेशियो 100:101 है. सबसे अजीब बात तो ये है कि जिन देशो में महिलाओ कि तादात कुछ अधिक है वहाँ तो बहुपत्नी प्रथा गैर क़ानूनी है, जबकि ज़्यादातर इस्लामिक देशो में, महिलाओं की तादात पुरुषो से कम है. साओदी अरब में तो 100 पुरुषो के अनुपात में सिर्फ़ 85 महिलाए ही है.


यही हाल ज़्यादातर मुस्लिम देशो का है. इस्लामिक विद्वान अमेरिका रशिया आदि का तो सेक्स रेशियो बताते है पर बड़ी मक्कारी से मुस्लिम देशो का सेक्स रेशियो छिपा लेते है. भारत में पुरुषो की तादाद कम होने का कारण कन्या भ्रूण हत्या हो सकता है, पर मुस्लिम देशों में महिलाओ कि संख्या इतनी कम क्यो है? कुल मिला कर ये तर्क बिल्कुल बकवास है कि दुनिया में महिलाओ कि संख्या इतनी अधिक है कि पुरुष 4 शादी की छूट ज़रूरी है.

कारण केवल एक है कि जहां बाकी समाज पुरानी ज़ंज़ीरो को तोड़ कर नयी जीवनशैली को अपना चुके हैं , वहीं मुसलमान अब भी रूढ़िवादी सोच के गुलाम है.