यु तो हर महिला शक्ति स्वरुप है और हर दिन महिला दिवस है क्योकि बिना महिला के स्रष्टि की कल्पना करना मुश्किल है /फिर भी कुछ महिलाओं ने आने वाली पीढी की राहो को रोशन किया है अपने अपने क्षेत्र में सफलता के दिए जलाकर /
सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज : जस्टिस एम. फातिमा बेबी
एम. फातिमा बीवी भारत की पहली महिला जज थी जो १९८९ में भारत के सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त की गयी थी इसके साथ साथ पहली मुस्लिम महिला भी थी जो इतने उच्च पड़ पर आसीन हुई / इनका जन्म तीस अप्रैल 1927 को हुआ पथानमथीट्टा , केरल राज्य, में हुआ था इनके माता पिता का नाम मीरा साहिब और खादिजा बीवी था /इनकी स्कूली शिक्षा पथानमथीट्टा , व् यूनिवर्सिटी तिरुवनंतपुरम से इन्होने बी एस सी व् इसके बाद कानूनी पढाई भी यही से की /१४ नवम्बर १९५० में वकील के रूप में खुद का नामांकन करवा कर अपने करियर की शुरुआत की
पहली महिला फिल्म अभिनेत्री जो राजसभा की सदस्य बनी : नरगिस दत्त
एक जून 1929 को पैदा हुई नर्गिस का असली नाम फातिम रशीद था उनकी माँ मशहूर गायिका जद्दनबाई थीं। सिर्फ छह साल की उम्र में उन्होंने फिल्म तलाश.ए. हक से अभिनय की शुरुआत कर दी थी। नर्गिस को पद्मश्री और उर्वशी सहित कई फिल्म फेयर पुरस्कार मिले। हिंदी सिनेमा की एक यादगार अभिनेत्री है नर्गिस जिन्होंने मदर इंडिया में राधा की भूमिका के जरिए भारतीय नारी को एक नया और सशक्त रूप दिया बाद में उन्हें राज्यसभा के लिए भी नामित किया गया। लेकिन अपनी बीमारी के चलते वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पायी तीन मई 1981 को कैंसर के कारण उनकी मौत हो गई /
हाई कोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस : लीला सेठ
भारत में हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनने वाली पहली महिला थीं लीला सेठ साथ ही देश की पहली ऐसी महिला भी थीं, जिन्होंने लंदन बार एग्जामिनेशन में टॉप किया। लीला सेठ का जन्म 1930 में लखनऊ में हुआ। जांच आयोग की सदस्य रह चुकीं लीला सेठ सन 2000 तक लॉ कमीशन में भी रहीं और उन्हें हिंदू सक्सेशन एक्ट में संशोधन का श्रेय भी जाता है। इसी संशोधन के तहत संयुक्त परिवारों में रह रही बेटियों को भी पिता की संपत्ति में समान अधिकार मिलता है। लीला सेठ ने पुरुष प्रधान माने जाने वाली न्यायप्रणाली में अपनी एक अलग पहचान बनाई /इनकी ऑटोबायोग्राफी भी प्रकाशित है - ऑन बैलेंस। इसमें लीला सेठ के संघर्ष और बुलंदियों तक पहुंचने का पूरा विवरण है , जो हर महिला के लिए प्रेरणा बन सकती है।
सुचेता कृपलानी पहली महिला मुख्या मंत्री
सुचेता कृपलानी का जन्म १९०८ में हुआ /उनकी शिक्षा शिक्षा लाहौर और दिल्ली में हुई थी। ये उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री बनीं और १९६३ से १९६७ तक वह उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं। ये भारत की प्रथम महिला मुख्य मंत्री थीं।सुचेता कृपलानी ने गांधी जी के करीब रहकर देश की आजादी की नींव रखी और आजादी के आन्दोलन में जेल भी गयी / 1 दिसंबर १९७४ को उनका निधन हो गया। अपने शोक संदेश में श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा कि "सुचेता जी ऐसे दुर्लभ साहस और चरित्र की महिला थीं, जिनसे भारतीय महिलाओं को सम्मान मिलता है।"
भारत की पहली रेल ड्राइवर : सुरेखा यादव
महाराष्ट्र के सतारा जिले की सुरेखा यादव ने वो काम कर दीखाया जो सिर्फ पुरुषो के लिए समझा जाता था इन्होने विद्युत अभियांत्रिकी में पत्रोपाधि पाठ्यक्रम 1986 में पूरा किया और इंजन ड्राइवर के लिए आवेदन कर दिया तीन वर्षों तक उन्हें विभिन्न परीक्षणों के दौर से गुजरना पड़ा। और आखिर वो देश की ही नहीं, एशिया महादीप की प्रथम महिला ड्राइवर बन गयी /
यूएन जनरल एसेम्बली की पहली महिला प्रेसिडेंट : विजय लक्ष्मी पंडित
पंडित जवाहरलाल नेहरू की छोटी बहन थी विजयलक्ष्मी पंडित उनका जन्म 18 अगस्त 1900 को हुआ था। घर में पढ़ाई करने वाली विजयलक्ष्मी ने देश की आजादी के बाद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 1947 से 1949 तक सोवियत संघ में वह भारतीय राजदूत रहीं। 1949 से 1951 तक मैक्सिको की, 1955 से 1961 तक आयरलैंड में वह भारतीय राजदूत रहीं।
वर्ष 1953 में विजयलक्ष्मी संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
इसी दौर में वह ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रहीं। 1958 से 1961 के बीच स्पेन में भारतीय राजदूत रहीं विजयलक्ष्मी पंडित ने 1946 से 1968 के बीच संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया।
अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला : कल्पना चावला
कल्पना चावला का जन्म १ जुलाई सन् १९६१ मे करनाल हरियाणा में हुआ /कल्पना चावला ने प्रारंभिक शिक्षा टैगोर पब्लिक स्कूल करनाल से प्राप्त की। आगे की शिक्षा वैमानिक अभियान्त्रिकी में पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ ,भारत से करते हुए १९८२ में अभियांत्रिकी स्नातक की उपाधि प्राप्त की। १९८२ में वह अमेरिका चली गयी फिर वहा से वैमानिक अभियान्त्रिकी में विज्ञान निष्णात की उपाधि टेक्सास विश्वविद्यालय आर्लिंगटन से प्राप्त की / कल्पना चावला को हवाईजहाज़ों, ग्लाइडरों व व्यावसायिक विमानचालन के लिए प्रमाणित उड़ान प्रशिक्षक का दर्ज़ा हासिल था। अन्तरिक्ष यात्री बनने से पहले वो एक सुप्रसिध नासा कि वैज्ञानिक थी।मार्च १९९५ में नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुईं और उन्हें १९९८ में अपनी पहली उड़ान के लिए चुना गया था। उनका पहला अंतरिक्ष मिशन १९ नवम्बर, १९९७ को छह अंतरिक्ष यात्री दल के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया की उड़ान एसटीएस-८७ से शुरू हुआ। कल्पना अंतरिक्ष में उड़ने वाली पहली भारतीय महिला थी/
एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली विश्व की प्रथम महिला संतोष यादव
संतोष यादव का जन्म सन १९६९ में हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था। वह माउंट एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली विश्व की प्रथम महिला हैं। इसके अलावा वे कांगसुंग तरफ से माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली विश्व की पहली महिला भी हैं। उन्होने महारानी कॉलेज जयपुर से शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें सन २००० में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया
कुछ अन्य महिलाए जीने भी अपने अपने क्षेत्रो में प्रथम महिला होने का गौरव प्राप्त है
इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने वाली प्रथम महिला -: इला मजुमदार
प्रथम महिला प्रधानमंत्री -: श्रीमती इंदिरा गांधी
एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने वाली प्रथम महिला -: विद्युमूखी बोस
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रथम कप्तान -: शांता रंगास्वामी
प्रथम महिला आईपीएस -: किरण बेदी
प्रथम महिला आईएएस -: अन्ना जॉर्ज
प्रथम महिला राष्ट्रपति : श्रीमती प्रतिभा पाटिल
सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज : जस्टिस एम. फातिमा बेबी
एम. फातिमा बीवी भारत की पहली महिला जज थी जो १९८९ में भारत के सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त की गयी थी इसके साथ साथ पहली मुस्लिम महिला भी थी जो इतने उच्च पड़ पर आसीन हुई / इनका जन्म तीस अप्रैल 1927 को हुआ पथानमथीट्टा , केरल राज्य, में हुआ था इनके माता पिता का नाम मीरा साहिब और खादिजा बीवी था /इनकी स्कूली शिक्षा पथानमथीट्टा , व् यूनिवर्सिटी तिरुवनंतपुरम से इन्होने बी एस सी व् इसके बाद कानूनी पढाई भी यही से की /१४ नवम्बर १९५० में वकील के रूप में खुद का नामांकन करवा कर अपने करियर की शुरुआत की
पहली महिला फिल्म अभिनेत्री जो राजसभा की सदस्य बनी : नरगिस दत्त
एक जून 1929 को पैदा हुई नर्गिस का असली नाम फातिम रशीद था उनकी माँ मशहूर गायिका जद्दनबाई थीं। सिर्फ छह साल की उम्र में उन्होंने फिल्म तलाश.ए. हक से अभिनय की शुरुआत कर दी थी। नर्गिस को पद्मश्री और उर्वशी सहित कई फिल्म फेयर पुरस्कार मिले। हिंदी सिनेमा की एक यादगार अभिनेत्री है नर्गिस जिन्होंने मदर इंडिया में राधा की भूमिका के जरिए भारतीय नारी को एक नया और सशक्त रूप दिया बाद में उन्हें राज्यसभा के लिए भी नामित किया गया। लेकिन अपनी बीमारी के चलते वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पायी तीन मई 1981 को कैंसर के कारण उनकी मौत हो गई /
हाई कोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस : लीला सेठ
भारत में हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनने वाली पहली महिला थीं लीला सेठ साथ ही देश की पहली ऐसी महिला भी थीं, जिन्होंने लंदन बार एग्जामिनेशन में टॉप किया। लीला सेठ का जन्म 1930 में लखनऊ में हुआ। जांच आयोग की सदस्य रह चुकीं लीला सेठ सन 2000 तक लॉ कमीशन में भी रहीं और उन्हें हिंदू सक्सेशन एक्ट में संशोधन का श्रेय भी जाता है। इसी संशोधन के तहत संयुक्त परिवारों में रह रही बेटियों को भी पिता की संपत्ति में समान अधिकार मिलता है। लीला सेठ ने पुरुष प्रधान माने जाने वाली न्यायप्रणाली में अपनी एक अलग पहचान बनाई /इनकी ऑटोबायोग्राफी भी प्रकाशित है - ऑन बैलेंस। इसमें लीला सेठ के संघर्ष और बुलंदियों तक पहुंचने का पूरा विवरण है , जो हर महिला के लिए प्रेरणा बन सकती है।
सुचेता कृपलानी पहली महिला मुख्या मंत्री
सुचेता कृपलानी का जन्म १९०८ में हुआ /उनकी शिक्षा शिक्षा लाहौर और दिल्ली में हुई थी। ये उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री बनीं और १९६३ से १९६७ तक वह उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं। ये भारत की प्रथम महिला मुख्य मंत्री थीं।सुचेता कृपलानी ने गांधी जी के करीब रहकर देश की आजादी की नींव रखी और आजादी के आन्दोलन में जेल भी गयी / 1 दिसंबर १९७४ को उनका निधन हो गया। अपने शोक संदेश में श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा कि "सुचेता जी ऐसे दुर्लभ साहस और चरित्र की महिला थीं, जिनसे भारतीय महिलाओं को सम्मान मिलता है।"
भारत की पहली रेल ड्राइवर : सुरेखा यादव
महाराष्ट्र के सतारा जिले की सुरेखा यादव ने वो काम कर दीखाया जो सिर्फ पुरुषो के लिए समझा जाता था इन्होने विद्युत अभियांत्रिकी में पत्रोपाधि पाठ्यक्रम 1986 में पूरा किया और इंजन ड्राइवर के लिए आवेदन कर दिया तीन वर्षों तक उन्हें विभिन्न परीक्षणों के दौर से गुजरना पड़ा। और आखिर वो देश की ही नहीं, एशिया महादीप की प्रथम महिला ड्राइवर बन गयी /
यूएन जनरल एसेम्बली की पहली महिला प्रेसिडेंट : विजय लक्ष्मी पंडित
पंडित जवाहरलाल नेहरू की छोटी बहन थी विजयलक्ष्मी पंडित उनका जन्म 18 अगस्त 1900 को हुआ था। घर में पढ़ाई करने वाली विजयलक्ष्मी ने देश की आजादी के बाद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 1947 से 1949 तक सोवियत संघ में वह भारतीय राजदूत रहीं। 1949 से 1951 तक मैक्सिको की, 1955 से 1961 तक आयरलैंड में वह भारतीय राजदूत रहीं।
वर्ष 1953 में विजयलक्ष्मी संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
इसी दौर में वह ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रहीं। 1958 से 1961 के बीच स्पेन में भारतीय राजदूत रहीं विजयलक्ष्मी पंडित ने 1946 से 1968 के बीच संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया।
अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला : कल्पना चावला
कल्पना चावला का जन्म १ जुलाई सन् १९६१ मे करनाल हरियाणा में हुआ /कल्पना चावला ने प्रारंभिक शिक्षा टैगोर पब्लिक स्कूल करनाल से प्राप्त की। आगे की शिक्षा वैमानिक अभियान्त्रिकी में पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ ,भारत से करते हुए १९८२ में अभियांत्रिकी स्नातक की उपाधि प्राप्त की। १९८२ में वह अमेरिका चली गयी फिर वहा से वैमानिक अभियान्त्रिकी में विज्ञान निष्णात की उपाधि टेक्सास विश्वविद्यालय आर्लिंगटन से प्राप्त की / कल्पना चावला को हवाईजहाज़ों, ग्लाइडरों व व्यावसायिक विमानचालन के लिए प्रमाणित उड़ान प्रशिक्षक का दर्ज़ा हासिल था। अन्तरिक्ष यात्री बनने से पहले वो एक सुप्रसिध नासा कि वैज्ञानिक थी।मार्च १९९५ में नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुईं और उन्हें १९९८ में अपनी पहली उड़ान के लिए चुना गया था। उनका पहला अंतरिक्ष मिशन १९ नवम्बर, १९९७ को छह अंतरिक्ष यात्री दल के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया की उड़ान एसटीएस-८७ से शुरू हुआ। कल्पना अंतरिक्ष में उड़ने वाली पहली भारतीय महिला थी/
एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली विश्व की प्रथम महिला संतोष यादव
संतोष यादव का जन्म सन १९६९ में हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था। वह माउंट एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली विश्व की प्रथम महिला हैं। इसके अलावा वे कांगसुंग तरफ से माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली विश्व की पहली महिला भी हैं। उन्होने महारानी कॉलेज जयपुर से शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें सन २००० में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया
कुछ अन्य महिलाए जीने भी अपने अपने क्षेत्रो में प्रथम महिला होने का गौरव प्राप्त है
इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने वाली प्रथम महिला -: इला मजुमदार
प्रथम महिला प्रधानमंत्री -: श्रीमती इंदिरा गांधी
एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने वाली प्रथम महिला -: विद्युमूखी बोस
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रथम कप्तान -: शांता रंगास्वामी
प्रथम महिला आईपीएस -: किरण बेदी
प्रथम महिला आईएएस -: अन्ना जॉर्ज
प्रथम महिला राष्ट्रपति : श्रीमती प्रतिभा पाटिल
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