Friday, 29 June 2012

मुस्लिम शराब नहीं पीते है.?

मुस्लिम अक्सर बहुत ही गर्व से छाती फुला कर बोलते रहते हैं कि..... इस्लाम में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है... और, कोई भी मुस्लिम शराब नहीं पीता है...!

लेकिन... आप यह जानकर हैरान रह जायेंगे कि.... ये एक बहुत ही चालाकी से फैलाया गया झूठ है... और, हकीकत इसके बिलकुल ही विपरीत है...!

मुस्लिम तो मुस्लिम..... इस्लाम के प्रतिपादक और तथाकथित रूप से अल्लाह के भूत.... सॉरी... दूत.... मुहम्मद साहब ना सिर्फ शराब पीते थे.... बल्कि वे तो शौचालय से आने के बाद शराब से ही वजू तक करते थे.....!

ये बातें मैं कोई मनगढ़ंत तौर पर नहीं कह रहा हूँ.... बल्कि अपनी कमअक्ली के कारण मुहम्मद साहब ने खुद अपने कुरान में लिख छोड़ी है.... ताकि हम जैसे लोग उसे पढ़ कर मुस्लिमों के झूठ का भांडा फोड़ सकें...!

लीजिये.... आप भी.... कुरान की वो सम्बंधित आयतें पढ़े....... और, मुहम्मद साहब से सम्बंधित अपने सामान्य ज्ञान में वृद्धि करें....

१. जाबिर बिन अब्दुल्ला ने कहा कि..... रसूल ने मुझ से कुछ चीज पीने के लिए लाने को कहा... मैंने पूछा कि ..."क्या मैं आपके लिए "नबीज़ (शराब) दूँ....?

रसूल ने कहा .....हाँ वही लाओ.

थोड़ी देर बाद जब मैं नबीज़ (शराब) एक बर्तन में लेकर आया तो रसूल ने पूछा कि जबीर क्या तुमने बर्तन को पत्तों और टहनियों से ठीक से ढक कर लाये हो (ताकि किसी को पता न चले)

मैंने कहा......... हाँ मैं छुपा कर लाया हूँ......... यह सुन कर रसूल ने बर्तन लेकर नबीज (शराब) पी ली. ..............मुस्लिम -किताब 1 हदीस 3753.

2 -मुहम्मद ने शराब से वजू किया ----

अब्दुल्लाह बिन मसूद ने कहा कि........वह रसूल के पास था ......रसूल ने वजू के लिए पानी का बर्तन लाने को कहा मैंने कहा कि बर्तन में तो शराब रखी है.

रसूल ने कहा कि तुम वही बर्तन लाओ ....मुझे वजू करना है .

फिर रसूल बोले ........ ऐ अब्दुल्ला बिन मसूद , शराब तो एक पेय है जो सिर्फ शुद्ध करती है .....फिर रसूल ने उसी से वजू किया .... -Musnad Ahmad - Hadith #3594.

3 -रसूल के लिए शराब बनती थी ---

इब्ने अब्बास ने कहा कि रसूल के लिए "नबीज़ "बनाई जाती थी ..... जिसे ऊंट के छाडे की कुप्पी में भरकर रात को रसूल के घर भेज दिया जाता था .

रसूल सोमवार की रात से मंगल की दोपहर तक शराब पीते थे .अगर बच जाती थी .तो गुलामों को दे देते थे .या लुढ़का देते थे ..... सही मुस्लिम -किताब 23 हदीस ४९७२ और 4974.

4 -मुहम्मद ने शराब से रोजा खोला ---

अबू हुरैरा ने कहा कि, जब रसूल रोजे में होते थे तो मैं उनका इंतजार करता था कि.... वे रोजा कब खोलें...

और, जब वह रोजे में नही होते थे... तो, मैं उनको नबीज पेश कर देता था.

मैं नबीज तभी देता था जब वह अच्छी तरह से तैयार हो जाती थी.

रसूल कहा करते थे कि यह नबीज उन्हीं लोगों के लिए है जो अल्लाह और आखिरत पर ईमान रखते हैं...... सुन्ननअबू दौउद -किताब 26 हदीस 3707.

### अब लगे हाथ ये भी जान लें कि ... नबिज क्या होता है...

नबीज खजूरों को सडा कर उसमे खमीर उठाकर बनाई गयी तेज शराब होती है अंगरेजी में इसे Wine कहते हैं .

All of the following dictionaries confirm that نبيذ (nabidh) means Wine:

अरबी शब्दकोश لسان العرب लिसानुल अरब में نبيذ नबीज़ का अर्थ الخمر अल खमर यानी शराब है मुहम्मद वही पीता था.

@@@@ उपरोक्त हदीसों को पढने के बाद यह स्पष्ट है कि ...... इस्लाम के प्रतिपादक और कथित रूप से अल्लाह के दूत मुहम्मद साहब ... न सिर्फ शराब पीते थे..... बल्कि शराब में ही डूबे रहते थे....... शायद इसीलिए मुहम्मद साहब ने मुस्लिमों को जन्नत में ""शराब और हूरों ( लड़कियों) का लालच दे रखा है...!

अब...... साथ ही इस्लाम का दोगलापन देखें कि... कुरान के ही सूरा-अल मायदा 5 :90 में शराब पीने को शैतान का काम बताया गया है ..!

तो क्या मुस्लिम...... अपने पियक्कड़ रसूल अर्थात मुहम्मद को ""शैतान "" मानने को तैयार हैं....?????

इसीलिए..... इन हदीसों के बाद .... अब, या तो मुस्लिम ये कबूल करें कि....... या तो उनका रसूल एक शैतान है क्योंकि वो शराब पीता था..... या फिर कबूल करें कि.... इस्लाम में शराब प्रतिबंधित नहीं है...!


नोट: ये लेख किसी प्रकार की दुर्भावना से नहीं लिखा गया है .... बल्कि सभी को सभी धर्मों की जानकारी देने के पवित्र उद्देश्य से लिखी गयी है...!

यदि किसी सज्जन अथवा दुर्जन को इस लेख से कोई आपत्ति हो तो ..... वो मुझसे और सबूत मांग सकता/ सकती है..

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